First Anglo-Maratha War

प्रथम आंग्ल-मराठा युद्ध

First Anglo-Maratha War

Part of Anglo-Maratha Wars between 1775 and 1818

पहला आंग्ल-मराठा युद्ध: 1775-1782

पहला आंग्ल-मराठा युद्ध भारत में ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी और मराठा साम्राज्य के बीच लड़े गए तीन आंग्ल-मराठा युद्धों में से पहला था। यह युद्ध 1775 में सूरत की संधि के साथ शुरू हुआ और 1782 में सलबाई की संधि के साथ समाप्त हुआ। यह युद्ध सूरत और पुणे के बीच लड़ा गया, जिसमें ब्रिटिशों को हार का सामना करना पड़ा और युद्ध से पहले दोनों पक्षों की स्थिति बहाल हो गई।

युद्ध के कारण:

  • ब्रिटिशों का बढ़ता प्रभाव: ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी अपनी शक्ति का विस्तार कर रही थी और मराठा साम्राज्य के साथ टकराव होने लगा था।
  • मराठाओं का दक्षिण भारत में प्रभुत्व: मराठों ने दक्षिण भारत में अपना प्रभुत्व स्थापित किया था और ब्रिटिशों के लिए खतरा बन गए थे।
  • पेशवा माधवराव की मृत्यु: पेशवा माधवराव की मृत्यु के बाद मराठा साम्राज्य में अस्थिरता आ गई थी।

युद्ध के मुख्य घटनाक्रम:

  • 1775: सूरत की संधि पर हस्ताक्षर किए गए, जिससे युद्ध शुरू हुआ।
  • 1778: ब्रिटिशों ने मराठाओं को हराया, लेकिन पुणे पर कब्जा नहीं कर सके।
  • 1779: वॉरेन हेस्टिंग्स, बंगाल के पहले गवर्नर-जनरल ने पुणे पर सीधा हमला करने से मना कर दिया।
  • 1782: सलबाई की संधि पर हस्ताक्षर किए गए, जिससे युद्ध समाप्त हुआ।

युद्ध के परिणाम:

  • कोई स्पष्ट विजेता नहीं: इस युद्ध का कोई स्पष्ट विजेता नहीं रहा। दोनों पक्षों को हार और जीत का सामना करना पड़ा।
  • स्थिति पूर्ववत: युद्ध से पहले जो स्थिति थी, वही स्थिति युद्ध के बाद भी बनी रही।
  • ब्रिटिशों की हार: ब्रिटिशों को इस युद्ध में हार का सामना करना पड़ा, जिससे उनके मनोबल में गिरावट आई।
  • मराठाओं का प्रभुत्व कायम: मराठा साम्राज्य ने अपनी शक्ति और प्रभुत्व को कायम रखा।

पहला आंग्ल-मराठा युद्ध ब्रिटिशों के लिए एक महत्वपूर्ण सबक था। उन्हें समझ में आया कि मराठा साम्राज्य एक शक्तिशाली शक्ति थी और उन्हें उससे जल्दबाजी में नहीं निपटना चाहिए। इस युद्ध ने भविष्य के आंग्ल-मराठा युद्धों का आधार तैयार किया।


The First Anglo-Maratha War (1775–1782) was the first of three Anglo-Maratha Wars fought between the British East India Company and Maratha Confederacy in India. The war began with the Treaty of Surat and ended with the Treaty of Salbai. The war, fought in between Surat and Poona, saw British defeat and restoration of positions of both the parties before the war. Warren Hastings, the first Governor-General of Bengal decided not to attack Pune directly.