God

श्री रुद्रम

Shri Rudram

Vedic chant in praise of Shiva

0Followers
0Prayers
2Photos
0Posts

श्री रुद्रम्: शिव की स्तुति में एक पवित्र वैदिक मंत्र

श्री रुद्रम्, संस्कृत में "श्रीरुद्रम्" लिखा जाता है, भगवान शिव के रुद्र रूप की स्तुति में गाया जाने वाला एक पवित्र वैदिक मंत्र है। यह मंत्र कृष्ण यजुर्वेद के तैत्तिरीय संहिता (अध्याय ४.५, ४.७) से लिया गया है। शुक्ल यजुर्वेद में यह मंत्र अध्याय १६ और १८ में पाया जाता है।

इस मंत्र के दो मुख्य भाग हैं: नमकम् और चमकम्।

  • नमकम्, "नमः" शब्द से शुरू होने वाले मंत्रों का संग्रह है, जो शिव के विभिन्न गुणों और रूपों की स्तुति करते हैं।
  • चमकम् "च मे" शब्द से शुरू होने वाले मंत्रों का संग्रह है, जो शिव से सुरक्षा, समृद्धि, और कल्याण की प्रार्थना करते हैं।

श्री रुद्रम् शैव धर्म में बहुत महत्वपूर्ण है, जहाँ शिव को परब्रह्म माना जाता है। यह मंत्र किसी देवता के नामों की स्तुति का एक प्रारंभिक उदाहरण है।

श्री रुद्रम् की विशेषताएँ:

  • इसमें प्रसिद्ध शैव मंत्र "नमः शिवाय" का उल्लेख है, जो तैत्तिरीय संहिता (४.५.८.१) के आठवें अनुवाक में और शुक्ल यजुर्वेद के अध्याय १६, श्लोक ४१ में पाया जाता है।
  • इसमें "ॐ नमः भगवते रुद्राय" और महामृत्युंजय मंत्र जैसे महत्वपूर्ण मंत्र भी शामिल हैं।

श्री रुद्रम् का पाठ:

श्री रुद्रम् का पाठ आमतौर पर प्रदोष काल में किया जाता है, जिसे शिव की पूजा के लिए शुभ मुहूर्त माना जाता है।

श्री रुद्रम् का महत्व:

श्री रुद्रम् का पाठ करने से भक्तों को शिव की कृपा प्राप्त होती है। यह मंत्र नकारात्मक ऊर्जा को दूर करता है, मन को शांत करता है, और जीवन में सुख, शांति, और समृद्धि लाता है।


Shri Rudram, is a Vedic mantra or chant in homage to Rudra taken from the Krishna Yajurveda's Taittiriya Samhita. In Shukla Yajurveda, it is found in Chapters 16 and 18. It is composed of two parts: the Namakam and Chamakam. Chamakam is added by scriptural tradition to the Shri Rudram. The text is important in Shaivism, where Shiva is viewed as the Parabrahman. The hymn is an early example of enumerating the names of a deity.