Akka Mahadevi
Guru

अक्का महादेवी

Akka Mahadevi

Kannada poet (c.1130–1160)

0Followers
0Prayers
3Photos
0Posts

अक्का महादेवी : एक महान कन्नड़ कवयित्री और शिव भक्त

अक्का महादेवी (लगभग 1130-1160 ईस्वी) 12वीं शताब्दी में लिंगायत शैव संप्रदाय की एक प्रमुख संत और कन्नड़ साहित्य की शुरुआती कवयित्रियों में से एक थीं। उनकी 430 से अधिक रचनाएँ वचन शैली में उपलब्ध हैं, जो एक प्रकार की सहज, रहस्यमय कविताएँ होती हैं। इसके अलावा, "मंत्रगोप्य" और "योगांगत्रिविध" नामक दो छोटी रचनाएँ भी उनके द्वारा रचित मानी जाती हैं।

हालांकि उन्होंने आंदोलन के अन्य संतों की तुलना में कम कविताएँ लिखीं, लेकिन उनकी रचनाएँ कन्नड़ साहित्य में महत्वपूर्ण योगदान मानी जाती हैं। "अक्का" शब्द ("बड़ी बहन" या "माँ") उन्हें बसवन्ना, सिद्धराम और अल्लामप्रभु जैसे संतों द्वारा दिया गया एक सम्मान था। यह "अनुभव मंटप" में आयोजित आध्यात्मिक चर्चाओं में उनके उच्च स्थान को दर्शाता है।

अक्का महादेवी को कन्नड़ साहित्य और कर्नाटक के इतिहास में एक प्रेरणादायक महिला के रूप में देखा जाता है। वे भगवान शिव ('चेन्ना मल्लिकार्जुन') को अपना पति मानती थीं, जिसे पारंपरिक रूप से भक्ति के 'मधुर भाव' या 'माधुर्य' रूप के रूप में समझा जाता है।

यहाँ कुछ अतिरिक्त जानकारी दी गई है:

  • वचन साहित्य: यह 12वीं शताब्दी में कर्नाटक में एक महत्वपूर्ण साहित्यिक आंदोलन था, जो सरल भाषा में और समाज के सभी वर्गों के लिए सुलभ था।
  • लिंगायत संप्रदाय: यह एक शैव संप्रदाय है जो एकेश्वरवाद और सामाजिक समानता पर जोर देता है।
  • अनुभव मंटप: यह 12वीं शताब्दी में कल्याणी में बसवेश्वर द्वारा स्थापित एक सार्वजनिक सभा थी जहाँ धार्मिक और दार्शनिक विषयों पर चर्चा होती थी।
  • मधुर भाव: भक्ति का एक रूप जिसमें भक्त और भगवान के बीच प्रेम और समर्पण के रिश्ते को पति-पत्नी के रूप में देखा जाता है।

अक्का महादेवी का जीवन और रचनाएँ आज भी लाखों लोगों को प्रेरित करती हैं। उनकी कविताएँ भक्ति, ज्ञान और सामाजिक न्याय की तलाश को दर्शाती हैं.


Akka Mahadevi was one of the early poets of Kannada literature and a prominent person in the Lingayat Shaiva sect in the 12th century. Her 430 Vachana poems, and the two short writings called Mantrogopya and the Yogangatrividh are considered her known contributions to Kannada literature. She composed fewer poems than other saints of the movement. The term Akka is an honorific given to her by saints such as Basavanna, Siddharama and Allamaprabhu and an indication of her high place in the spiritual discussions held at the "Anubhava Mantapa". She is seen as an inspirational woman in Kannada literature and in the history of Karnataka. She considered the god Shiva as her husband,.