भस्मासुर
Hindu mythological antagonist
भस्मासुर: एक कहानी छल और धोखे की (Bhasmasur: A story of trickery and deceit)
हिन्दू धर्म में, भस्मासुर एक शक्तिशाली राक्षस था जिसे यह वरदान प्राप्त था कि वह जिसके भी सिर पर हाथ रखेगा, वह तुरंत जलकर भस्म हो जाएगा। यह वरदान उसे भगवान शिव ने उनकी कठोर तपस्या से प्रसन्न होकर दिया था।
भस्मासुर का अहंकार और शिव का संकट: वरदान पाते ही भस्मासुर अहंकारी हो गया और उसने देवताओं पर अत्याचार करना शुरू कर दिया। उसके आतंक से देवता भयभीत होकर भगवान शिव की शरण में गए। भस्मासुर ने तो शिव जी को भी भस्म करने का प्रयास किया। शिव जी खुद उससे बचने के लिए इधर-उधर भागने लगे।
विष्णु का अवतार और भस्मासुर का अंत: देवताओं और शिव जी की रक्षा के लिए भगवान विष्णु ने मोहिनी नामक सुंदर स्त्री का रूप धारण किया। मोहिनी अप्सरा जैसी सुंदर थीं और उनके रूप पर भस्मासुर मोहित हो गया। मोहिनी ने भस्मासुर को नृत्य करने के लिए ललचाया और शर्त रखी कि वह जैसा नृत्य करेगा, भस्मासुर को भी वैसा ही करना होगा। भस्मासुर मोहिनी के मोह में फंसकर राजी हो गया। नृत्य करते-करते मोहिनी ने अपने हाथ से अपने ही सिर पर रख लिया। भस्मासुर भी मंत्रमुग्ध होकर मोहिनी की नकल करते हुए अपने ही सिर पर हाथ रख बैठा और तुरंत जलकर भस्म हो गया।
कहानी का सार: भस्मासुर की कहानी हमें सिखाती है कि अहंकार और घमंड का अंत हमेशा बुरा होता है। यह कहानी यह भी दर्शाती है कि बुद्धि और चतुराई से हम कितनी भी बड़ी मुसीबत से बाहर निकल सकते हैं।