ऋग्वेद
First sacred canonical text of Hinduism
ऋग्वेद: हिन्दू धर्म का सबसे प्राचीन ग्रंथ
ऋग्वेद, जो हिन्दू धर्म का एक महत्वपूर्ण ग्रंथ है, "ऋच्" (प्रशंसा) और "वेद" (ज्ञान) शब्दों से मिलकर बना है। यह चार वेदों में से एक है, जिन्हें हिन्दू धर्म में "श्रुति" माना जाता है। ऋग्वेद में 1028 सूक्त (गीत) हैं, जो लगभग 10,600 ऋचा (पंक्तियों) में विभाजित हैं।
यह ग्रंथ बहुत प्राचीन है और इसका निर्माण लगभग 1500 से 1000 ईसा पूर्व के बीच हुआ था, हालाँकि कुछ विद्वान 1900 से 1200 ईसा पूर्व का समय बताते हैं। यह भारत के उत्तर-पश्चिमी क्षेत्र में रचा गया था, जहाँ ऋग्वेद में वर्णित नदियाँ बहती थीं।
ऋग्वेद की संरचना कई स्तरों में है, जिसमें "संहिता", "ब्राह्मण", "आरण्यक" और "उपनिषद" शामिल हैं। ऋग्वेद संहिता, जो ग्रंथ का मुख्य भाग है, 10 मंडल (पुस्तकों) में विभाजित है।
पहले आठ मंडल (2 से 9 तक) सबसे पुराने हैं, जिनमें ब्रह्मांड विज्ञान, देवताओं को प्रसन्न करने के लिए आवश्यक अनुष्ठान, और अन्य कर्मकांडों का वर्णन है। बाद के दो मंडल (1 और 10) में दान, ब्रह्मांड की उत्पत्ति, दिव्य शक्तियों की प्रकृति, और अन्य दार्शनिक विषयों पर चर्चा की गई है।
ऋग्वेद के कुछ अंश आज भी हिन्दू धर्म में पूजा और विभिन्न संस्कारों (जैसे विवाह) के दौरान पढ़े जाते हैं। यह दुनिया का सबसे पुराना धार्मिक ग्रंथ है जो आज भी प्रयोग में है।