Samaveda

सामवेद

Samaveda

Veda of melodies and chants

सामवेद: गानों और मंत्रों का ज्ञान

सामवेद (IAST: Sāmaveda) हिन्दू धर्म के चार प्रमुख वेदों में से एक है। इसका नाम "साम" (गान) और "वेद" (ज्ञान) शब्दों से मिलकर बना है। यह गीतों और मंत्रों का संग्रह है, और इसे संगीत के वेद के रूप में जाना जाता है।

सामवेद में कुल 1875 मंत्र हैं, जिनमें से केवल 75 मंत्र ही ऋग्वेद से अलग हैं। बाकी सभी मंत्र ऋग्वेद से लिए गए हैं। सामवेद के तीन मुख्य संस्करण आज भी मौजूद हैं, और इसके विभिन्न पाठ भारत के अलग-अलग हिस्सों में पाए जाते हैं।

सामवेद का सबसे प्राचीन हिस्सा ऋग्वैदिक काल से माना जाता है, लेकिन इसका मौजूदा संहिता पाठ ऋग्वैदिक मंत्र काल के बाद, लगभग 1200 से 1000 ईसा पूर्व के बीच लिखा गया है। यह समय अथर्ववेद और यजुर्वेद के साथ लगभग मेल खाता है।

संहिता पाठ के अलावा, सामवेद में ब्राह्मण ग्रंथ और दर्शन संबंधी विचारों (उपनिषद) से जुड़ा पाठ भी शामिल है। ये ब्राह्मण और उपनिषद पाठ ऋग्वैदिक मंत्र काल के बाद, लगभग 6वीं शताब्दी ईसा पूर्व में लिखे गए हैं।

सामवेद में दो प्रसिद्ध उपनिषद, छान्दोग्य उपनिषद और केन उपनिषद, शामिल हैं। इन उपनिषदों को प्राथमिक उपनिषद माना जाता है और इनका प्रभाव हिंदू दर्शन के छह स्कूलों, खासकर वेदांत स्कूल पर बहुत गहरा है। सामवेद ने बाद में भारतीय संगीत की नींव रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

सामवेद को सामा वेद भी कहा जाता है।


The Samaveda, is the Veda of melodies and chants. It is an ancient Vedic Sanskrit text, and is one of the sacred scriptures in Hinduism. One of the four Vedas, it is a liturgical text which consists of 1,875 verses. All but 75 verses have been taken from the Rigveda. Three recensions of the Samaveda have survived, and variant manuscripts of the Veda have been found in various parts of India.