Antyesti

अंत्येष्टि

Antyesti

Funeral rites for the dead in Hinduism

अंत्येष्टि: हिंदू धर्म में अंतिम संस्कार

"अंत्येष्टि" शब्द का अर्थ है "अंतिम यज्ञ" या "अंतिम शुभ संस्कार"। हिंदू धर्म में, अंत्येष्टि का अर्थ मृत व्यक्ति के लिए किए जाने वाले अंतिम संस्कार से है, जिसमें आमतौर पर शव का दाह संस्कार शामिल होता है। यह संस्कार, हिंदू परंपरा में जीवन चक्र के पारंपरिक संस्कारों की एक श्रृंखला का अंतिम संस्कार है, जो गर्भाधान से शुरू होता है।

अंत्येष्टि को "अंतिम संस्कार", "अंतिम क्रिया", "अन्वरोहण्य्य" या "वहनि संस्कार" भी कहा जाता है।

अंत्येष्टि समारोह के विवरण क्षेत्र, सामाजिक समूह, मृतक के लिंग और आयु के आधार पर भिन्न होते हैं।

अंत्येष्टि समारोह के विवरण में शामिल हो सकते हैं:

  • शव का प्रेपेरेशन: मृत व्यक्ति को साफ किया जाता है, नए कपड़े पहनाए जाते हैं, और फूलों से सजाया जाता है।
  • शवयात्रा: शव को घर से श्मशान घाट तक ले जाने के लिए एक जुलूस निकाला जाता है।
  • अग्नि संस्कार: श्मशान घाट पर, शव को लकड़ी के चिता पर रखा जाता है और उसे आग लगा दी जाती है।
  • अंतिम संस्कार के बाद के रस्म: दाह संस्कार के बाद, परिवार और दोस्त मृतक के लिए प्रार्थना करते हैं और उनकी आत्मा की शांति के लिए धार्मिक अनुष्ठान करते हैं।

अंत्येष्टि समारोह में विभिन्न संस्कृतियों और क्षेत्रों में भिन्नताएँ होती हैं:

  • दक्षिण भारत: दक्षिण भारत में, शव को अक्सर जमीन में दफनाया जाता है।
  • उत्तरी भारत: उत्तरी भारत में, शव को आमतौर पर जलाया जाता है।
  • जैन धर्म: जैन धर्म में, मृतकों को दफनाया जाता है।
  • सिख धर्म: सिख धर्म में, मृतकों को जलाया जाता है, लेकिन दाह संस्कार के बाद, राख को नदी या समुद्र में प्रवाहित किया जाता है।

अंत्येष्टि समारोह, मृतक के लिए श्रद्धांजलि का एक महत्वपूर्ण रूप है, जो उनके परिवार और समुदाय को दुःख से निपटने और उनकी स्मृति को सम्मानित करने में मदद करता है।


Antyesti literally means "last sacrifice" or "final auspicious ceremony", and refers to the funeral rites for the dead in Hinduism, which usually involves cremation of the body. This rite of passage is the last samskara in a series of traditional life cycle samskaras that start from conception in Hindu tradition. It is also referred to as Antima Samskara, Antya-kriya, Anvarohanyya, or as Vahni Samskara.