दादू दयाल
Indian saint
संत दादू दयाल: एक प्रसिद्ध कवि-संत और धार्मिक सुधारक
संत दादू दयाल (1544-1603) एक प्रसिद्ध कवि-संत और धार्मिक सुधारक थे, जो राजस्थान में सक्रिय थे। उनका जन्म 1544 में राजस्थान के अजमेर के पास एक गाँव में हुआ था।
दादू दयाल ने धार्मिक रीति-रिवाजों और पूजा-पाठ के ढोंगों के खिलाफ आवाज़ उठाई। वे मानते थे कि सच्चा धर्म मन के शुद्ध होने और ईश्वर से प्रेम करने में है, न कि बाहरी रस्मों में।
उनकी शिक्षाएँ सभी धर्मों के लोगों को एक साथ लाने वाली थीं। वे मानते थे कि भगवान एक हैं और सभी धर्मों में उसका वास है।
दादू दयाल ने हिंदी भाषा में कई भजन, पद और दोहे लिखे जो आज भी बहुत लोकप्रिय हैं। उनकी शिक्षाओं का प्रभाव राजस्थान, गुजरात और पंजाब में देखा जा सकता है। उनके अनुयायी "दादूपंथ" के नाम से जाने जाते हैं।
दादू दयाल ने अपने जीवनकाल में कई लोगों को ज्ञान और प्रेम का मार्ग दिखाया। उनकी शिक्षाएँ आज भी हमें सच्चा धर्म, मानवता और ईश्वर से प्रेम करने का मार्ग दिखाती हैं।