Tirumurukāṟṟuppaṭai

तिरुमुरूकाङ्ङुप्पत्तै

Tirumurukāṟṟuppaṭai

Ancient Tamil poem devoted to Murugan (Sangam literature)

तिरुमुருकाट्रुप्पटै: भगवान् मुर्गन की स्तुति

"तिरुमुருकाट्रुप्पटै" (तमिल: திருமுருகாற்றுப்படை), जिसका अर्थ है "भगवान् मुर्गन का मार्गदर्शक", संगम साहित्य की एक प्राचीन भक्ति कविता है जो पूरी तरह से भगवान् मुर्गन को समर्पित है। कविता में मुर्गन को भगवान् विष्णु के भतीजे के रूप में वर्णित किया गया है, जिन्हें मायोन या दुनिया के शासक के रूप में जाना जाता है। यह कविता नक्किरनार द्वारा रचित है और दस आदर्शों (पट्टुप्पाट्टु) के संग्रह में पहली कविता है।

यह कविता आम तौर पर देर से शास्त्रीय काल (2वीं से 4वीं शताब्दी ईस्वी) की मानी जाती है, हालांकि कुछ विद्वान मानते हैं कि इसे कुछ शताब्दियों बाद लिखा गया होगा।

संगम साहित्य के संग्रह और कविताओं में मुर्गन के कई संदर्भ और छंद हैं, जिन्हें भारत के अन्य भागों में सुब्रह्मण्य, कुमार, स्कंद, कार्तिकेय के नाम से भी जाना जाता है। "तिरुमुुरुकाट्रुप्पटै" कविता पूरी तरह से मुर्गन के विभिन्न रूपों और मंदिरों के बारे में है। इसमें तमिल क्षेत्र में स्थित उसके छह प्रमुख मंदिरों का वर्णन किया गया है, साथ ही प्राकृतिक दृश्यों, पूजा प्रथाओं और लोगों की संस्कृति का भी वर्णन किया गया है।

कविता में शामिल प्रमुख तत्व:

  • भगवान् मुर्गन के विभिन्न रूप: कविता मुर्गन के विभिन्न रूपों, जैसे स्कंद, कुमार, और कार्तिकेय का वर्णन करती है।
  • तमिल क्षेत्र में स्थित मुर्गन के मंदिर: कविता तमिल क्षेत्र में स्थित मुर्गन के छह प्रमुख मंदिरों का वर्णन करती है, जो प्रत्येक क्षेत्र की प्राकृतिक सुंदरता और स्थानीय संस्कृति का प्रतिनिधित्व करते हैं।
  • प्राकृतिक दृश्य: कविता में तमिल क्षेत्र के प्राकृतिक दृश्यों का सुंदर वर्णन है, जिसमें पहाड़, नदियाँ, और जंगल शामिल हैं।
  • पूजा प्रथाएं: कविता में मुर्गन की पूजा के विभिन्न तरीकों का वर्णन है, जिसमें मंदिरों में जाने, प्रार्थना करने और भजन गाने शामिल हैं।
  • लोगों की संस्कृति: कविता में तमिल लोगों की संस्कृति, जीवन शैली, और रीति-रिवाजों का भी वर्णन किया गया है।

"तिरुमुुरुकाट्रुप्पटै" एक महत्वपूर्ण कविता है जो भगवान् मुर्गन के प्रति भक्ति और तमिल संस्कृति की समृद्ध विरासत को दर्शाती है।


Tirumurukātṟuppatai is an ancient devotional Tamil poem in the Sangam literature genre entirely dedicated to the god Murugan. Murugan is described as the nephew of the god Vishnu, who is called Mayon or the ruler of the worlds. Authored by Nakkiranar, it is the first poem in the Ten Idylls (Pattuppāṭṭu) anthology. The poem is generally dated to the late classical period, with some scholars suggesting it may have been composed a few centuries later.