Eripatha Nayanar

एरिपाथा नयनार

Eripatha Nayanar

एरिपथा नयनार: एक शिव भक्त की कहानी

एरिपथा नयनार, जिन्हें एरिपाथर, एरिपातर, एरिबत्तार, एरिपट्टन', एरिपथा नयनार और एरिपथा नयनार के नाम से भी जाना जाता है, शिव धर्म के नयनार संतों में से एक थे। उन्हें आम तौर पर 63 नयनारों की सूची में आठवें स्थान पर गिना जाता है।

एरिपथा नयनार का जीवन:

एरिपथा नयनार एक गरीब किसान थे, जो तमिलनाडु के एक छोटे से गांव में रहते थे। वे शिव के अत्यंत भक्त थे और हर दिन उनकी पूजा करते थे। अपनी भक्ति में, वे शिव मंदिर में एक छोटी सी जगह बनाकर बैठते थे और शिव की स्तुति करते थे।

एक अद्भुत घटना:

एक दिन, जब एरिपथा नयनार मंदिर में शिव की पूजा कर रहे थे, तो उनके सामने एक अद्भुत घटना घटी। एक देवी उनकी ओर आई और उन्हें बताया कि उन्हें एक बड़ी संपत्ति मिलेगी।

ईश्वर की कृपा:

एरिपथा नयनार ने देवी के शब्दों पर विश्वास नहीं किया, लेकिन अगले ही दिन उन्हें एक अमीर व्यापारी से बहुत सारा धन मिला। देवी की भविष्यवाणी सच हुई और एरिपथा नयनार अचानक धनी हो गए।

धन का उपयोग:

धन मिलने के बाद, एरिपथा नयनार ने अपनी सभी संपत्ति शिव की सेवा में समर्पित कर दी। उन्होंने मंदिरों का निर्माण करवाया, ब्राह्मणों को भोजन कराया और गरीबों की मदद की।

शिव की भक्ति का उदाहरण:

एरिपथा नयनार का जीवन शिव भक्ति का एक आदर्श उदाहरण है। वे एक गरीब किसान थे, लेकिन उनकी भक्ति ने उन्हें ईश्वर की कृपा प्राप्त करवाई। वे धन से लिप्त नहीं हुए, बल्कि उसका उपयोग शिव की सेवा और लोगों की भलाई में किया।

एरिपथा नयनार की कहानी हमें यह सिखाती है कि:

  • ईश्वर की भक्ति से जीवन में सफलता प्राप्त होती है।
  • धन का उपयोग केवल स्वार्थ के लिए नहीं करना चाहिए।
  • दूसरों की सेवा करना जीवन का उद्देश्य होना चाहिए।

Eripatha Nayanar, also known as Eripathar, Eripatar, Eribattar, Eripattan', Eripaththa Nayanar and Eripattha Nayanar, is Nayanar saint, venerated in the Hindu sect of Shaivism. He is generally counted as the eighth in the list of 63 Nayanars.