परिदिनीयम परिथियप्पार मंदिर
Temple in India
पारिदिन्यम पारित्यप्पर मंदिर (பரிதிநியமம் பரிதியப்பர் கோயில்)
तमिलनाडु के तंजावुर जिले में पारित्यप्पर कोयल में स्थित एक तमिल मंदिर है। यह मंदिर शिव को समर्पित है, जो यहाँ पारित्यप्पर के रूप में मूलवर देवता हैं। उनकी पत्नी पार्वती को मंगलंबिकाई के नाम से जाना जाता है।
मंदिर का इतिहास:
यह मंदिर प्राचीन काल का है, जिसका वास्तुशिल्प और शिल्प कला को देखते हुए अनुमान लगाया जाता है कि इसका निर्माण चोल साम्राज्य के शासनकाल में हुआ होगा। हालाँकि, मंदिर के निर्माण की सही तिथि स्पष्ट नहीं है।
मंदिर का महत्व:
पारित्यप्पर मंदिर शिव भक्तों के लिए एक महत्वपूर्ण तीर्थस्थल है। यहाँ शिव भगवान के पारित्यप्पर स्वरूप की पूजा की जाती है, जो अपने भक्तों की रक्षा करने और उनके दुखों को दूर करने वाले माने जाते हैं।
मंदिर के आकर्षण:
- मूलवर: मंदिर में मुख्य देवता शिव हैं, जो पारित्यप्पर के रूप में विराजमान हैं। उनकी मूर्ति एक विशाल शिवलिंग है, जो काले रंग के पत्थर से बना है।
- मंगलंबिकाई: पार्वती देवी को यहाँ मंगलंबिकाई के रूप में पूजा जाता है। उनकी मूर्ति शिवलिंग के सामने विराजमान है।
- विभिन्न देवी-देवताओं के मंदिर: मंदिर परिसर में विभिन्न देवी-देवताओं के मंदिर भी हैं, जैसे कि गणेश, विष्णु, सूर्य, चंद्र, आदि।
- मंदिर की वास्तुकला: मंदिर की वास्तुकला अत्यंत सुंदर और आकर्षक है। मंदिर के गोपुरम, स्तंभ, और मूर्तियाँ, चोलकालीन वास्तुकला के उत्कृष्ट उदाहरण हैं।
- मंदिर का वातावरण: मंदिर का वातावरण अत्यंत शांत और पवित्र है। यहाँ आने वाले भक्तों को शांति और आनंद का अनुभव होता है।
मंदिर के दर्शन:
यह मंदिर प्रतिदिन सुबह से शाम तक भक्तों के लिए खुला रहता है। मंदिर में विशेष रूप से सोमवार और शिवरात्रि के दिन भारी भीड़ होती है।
अन्य महत्वपूर्ण बातें:
- मंदिर के पास ही एक बड़ा तालाब है, जहाँ भक्त स्नान करते हैं और शिव की पूजा करते हैं।
- मंदिर में कई प्रकार के धार्मिक अनुष्ठान और उत्सव आयोजित किए जाते हैं।
- मंदिर के पास ही कई धर्मशालाएँ और भोजनालय हैं, जहाँ भक्त ठहर सकते हैं और भोजन कर सकते हैं।
पारित्यप्पर मंदिर अपने वास्तुशिल्प, धार्मिक महत्व और शांत वातावरण के लिए जाना जाता है। यह तंजावुर में स्थित एक महत्वपूर्ण तीर्थस्थल है, जहाँ भक्तों को शांति और आनंद का अनुभव होता है।