Bhishma
Guru

भीष्म

Bhishma

Statesman of Kuru kingdom in the Hindu epic ''Mahabharata''

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भीष्म: महाभारत के एक महान योद्धा और नीतिज्ञ

भीष्म, जिन्हें पितामह, गंगापुत्र और देवव्रत के नाम से भी जाना जाता है, महाभारत के एक प्रमुख पात्र हैं और भीष्म पर्व के नायक हैं। वे कुरुक्षेत्र युद्ध में कौरव सेना के सर्वोच्च सेनापति थे। भीष्म ही एकमात्र ऐसे व्यक्ति थे जिन्होंने अपने पिता, कुरु राजा शांतनु के शासनकाल से लेकर महाभारत की सभी घटनाओं को देखा था। भीष्म व्यास के सौतेले भाई थे, जो पांडवों और कौरवों दोनों के दादा थे। वे कुरु राज्य के एक प्रमुख नीतिज्ञ थे। उनका जन्म प्रतापी राजा शांतनु और देवी गंगा के सबसे छोटे पुत्र के रूप में हुआ था।

मूल रूप से देवव्रत नाम के, उन्हें अपने राज्य का उत्तराधिकारी बनाया गया था। हालाँकि, उन्होंने अपने पिता की खुशी के लिए अपने जन्मसिद्ध अधिकार को त्याग दिया और आजीवन ब्रह्मचर्य का व्रत लिया। इस निस्वार्थ निर्णय के कारण, उन्हें भीष्म के रूप में जाना जाने लगा, और उनके पिता शांतनु ने उन्हें इच्छा मृत्यु का वरदान दिया। उन्होंने कौरवों की ओर से कुरुक्षेत्र युद्ध में भाग लिया। युद्ध के दसवें दिन, पांडव राजकुमार अर्जुन ने शिखंडी की मदद से भीष्म पर असंख्य बाण चलाए और उन्हें बाणों की शैय्या पर लिटा दिया। बाणों की शैय्या पर इक्यावन रातें बिताने के बाद, महानायक भीष्म ने उत्तरायण (मकर संक्रांति) के शुभ दिन अपने शरीर का त्याग कर दिया। अपनी मृत्यु से पहले, उन्होंने युधिष्ठिर को विष्णु सहस्रनाम दिया।

हिंदू धर्म में एक पूजनीय व्यक्ति:

भीष्म हिंदू धर्म में एक पूजनीय व्यक्ति हैं। हर साल उनकी पुण्यतिथि भीष्म अष्टमी के रूप में मनाई जाती है, जो माघ (जनवरी-फरवरी) महीने के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि को पड़ती है।

विशेषताएँ:

  • अद्वितीय जीवन: भीष्म एकमात्र ऐसे व्यक्ति थे जिन्होंने महाभारत के सभी पात्रों और घटनाओं को देखा था।
  • अटूट प्रतिज्ञा: उन्होंने अपने पिता के लिए आजीवन ब्रह्मचर्य और राज्य त्याग की प्रतिज्ञा ली जो उनकी अटूट निष्ठा और समर्पण का प्रतीक है।
  • कौशल और शौर्य: वे एक महान योद्धा थे, जिन्होंने कुरुक्षेत्र युद्ध में अपनी वीरता और रणनीति का परिचय दिया।
  • ज्ञान और नीति: भीष्म एक ज्ञानी और नीतिवान व्यक्ति थे। उनकी मृत्यु से पहले, उन्होंने युधिष्ठिर को धर्म, राजनीति और जीवन के अन्य पहलुओं पर बहुमूल्य ज्ञान दिया।
  • बलिदान: उन्होंने अपने प्रेम, राज्य और सुख का त्याग करके धर्म और कर्तव्य को सर्वोपरि रखा।

भीष्म का जीवन हमें कर्तव्य, निष्ठा, त्याग और धर्म के महत्व का पाठ देता है।


Bhishma, also known as Pitamaha, Gangaputra, and Devavrata, is a major character of the epic Mahabharata and the protagonist of the Bhishma Parva episode. He was the supreme commander of the Kaurava forces during the Kurukshetra War of the epic. He was the only character who witnessed the entirety of the events of the Mahabharata, beginning from the reign of his father, King Shantanu of the Kuru kingdom. Bhishma was the stepbrother of Vyasa, the grandfather of both the Pandavas and the Kauravas. He was a prominent statesman of the Kuru Kingdom. He was born as the youngest son of the illustrious King Shantanu and goddess Ganga.