Standing asanas

खड़े होकर किये जाने वाले आसन

Standing asanas

Yoga poses with one or both feet on the ground

योग में खड़े होने वाले आसन: एक विस्तृत व्याख्या

यह लेख योग के खड़े होने वाले आसनों के बारे में हिंदी में विस्तृत जानकारी प्रदान करता है।

खड़े होने वाले आसन क्या हैं?

खड़े होने वाले आसन वे योग मुद्राएँ हैं जिनमें एक या दोनों पैर ज़मीन पर होते हैं और शरीर कमोबेश सीधा रहता है। ये आधुनिक योगाभ्यास की सबसे विशिष्ट विशेषताओं में से एक हैं।

इतिहास और विकास

२०वीं शताब्दी तक, बहुत कम खड़े होने वाले आसन थे, वृक्षासन इसका सबसे अच्छा उदाहरण है। मैसूर में कृष्णमाचार्य के समय से, कई खड़े होने वाले आसनों का निर्माण हुआ है। इन आसनों के दो प्रमुख स्रोतों की पहचान की गई है:

  • सूर्य नमस्कार: यह व्यायाम क्रम कई खड़े होने वाले आसनों का आधार बना।
  • भारतीय व्यायाम: उस समय भारत में प्रचलित शारीरिक संस्कृति पर आधारित व्यायाम, जिसमें कई खड़े होने वाले आसन शामिल थे।

विवाद

खड़े होने वाले आसनों की उत्पत्ति विवादास्पद रही है। २०१० में, मार्क सिंगलटन ने तर्क दिया कि आधुनिक योग के कुछ रूप, विशेष रूप से खड़े होने वाले आसनों और उनके बीच संक्रमण (विन्यास) को जोड़कर और योग के अधिकांश गैर-मुद्रा पहलुओं को दबाकर, हठ योग का एक क्रांतिकारी पुन: कार्य प्रस्तुत करते हैं, न कि प्राचीन परंपराओं की एक सहज निरंतरता।

इन परिवर्तनों ने योग को स्थिर मुद्राओं के बजाय गतिशीलता के साथ करने में सक्षम बनाया, और बदले में इसने सत्रों को एरोबिक व्यायाम पर ध्यान केंद्रित करने की अनुमति दी।

कुछ प्रसिद्ध खड़े होने वाले आसन

  • ताड़ासन (पर्वत मुद्रा)
  • वृक्षासन (पेड़ मुद्रा)
  • त्रिकोणासन (त्रिकोण मुद्रा)
  • वीरभद्रासन I, II, III (योद्धा मुद्रा)
  • उत्कटासन (चेयर मुद्रा)

लाभ

खड़े होने वाले आसन शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के लिए कई तरह से फायदेमंद होते हैं:

  • शरीर को मजबूत बनाते हैं: ये आसन पैरों, पीठ, कंधों और बाहों में ताकत और स्थिरता का निर्माण करते हैं।
  • संतुलन और समन्वय में सुधार करते हैं: ये मुद्राएं शरीर के संतुलन और समन्वय को बेहतर बनाने में मदद करती हैं।
  • लचीलापन बढ़ाते हैं: ये आसन कूल्हों, हैमस्ट्रिंग और रीढ़ की हड्डी में लचीलापन बढ़ाने में मदद करते हैं।
  • मन को शांत करते हैं: ये मुद्राएं एकाग्रता और ध्यान को बेहतर बनाने में मदद करती हैं और तनाव और चिंता को कम करती हैं।

सावधानियां

यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि खड़े होने वाले आसन सभी के लिए उपयुक्त नहीं हो सकते हैं। यदि आपको कोई चिकित्सीय स्थिति है या आप गर्भवती हैं, तो इन आसनों का अभ्यास करने से पहले किसी योग्य चिकित्सक या योग शिक्षक से सलाह लें।


The standing asanas are the yoga poses or asanas with one or both feet on the ground, and the body more or less upright. They are among the most distinctive features of modern yoga as exercise. Until the 20th century there were very few of these, the best example being Vrikshasana, Tree Pose. From the time of Krishnamacharya in Mysore, many standing poses have been created. Two major sources of these asanas have been identified: the exercise sequence Surya Namaskar ; and the gymnastics widely practised in India at the time, based on the prevailing physical culture.