Maria Lacerda de Moura

मारिया लासेरडा डी मौरा

Maria Lacerda de Moura

Brazilian anarcho-feminist journalist (1887–1945)

मारिया लेसेर्डा डे मोरा: एक महान ब्राज़ीलियाई नारीवादी और अराजकतावादी

मारिया लेसेर्डा डे मोरा (१८८७-१९४५) एक ब्राज़ीलियाई शिक्षिका, लेखिका और अराजकतावादी नारीवादी थीं। वह महिलाओं के अधिकारों, मुक्त प्रेम, तर्कसंगत मातृत्व और पूंजीवाद के खिलाफ संघर्ष जैसी प्रगतिशील विचारों की प्रबल पक्षी थीं।

प्रारंभिक जीवन और शिक्षा:

मारिया का जन्म १६ मई १८८७ को मैनहुआकु में हुआ था। उनके माता-पिता अध्यात्मवादी और धर्मनिरपेक्ष थे। उनका पालन-पोषण बारबासेना शहर में हुआ, जहाँ उन्होंने एस्कोला नॉर्मल म्युनिसिपल डे बारबासेना से शिक्षक की डिग्री हासिल की।

मारिया ने सामाजिक असमानता को दूर करने के लिए राष्ट्रीय साक्षरता अभियानों और शैक्षिक सुधारों में सक्रिय रूप से भाग लिया। उन्होंने १९१२ में एक स्थानीय समाचार पत्र में लिखना शुरू किया और १९१८ में अपनी पहली पुस्तक, "एम टोर्नो दा एडुकाकाओ" प्रकाशित की, जिसमें शिक्षा पर उनके विचारों को प्रस्तुत किया गया था।

सामाजिक और राजनीतिक सक्रियता:

१९२१ में, मारिया साओ पाउलो चली गईं, जहाँ वे नारीवादी और मजदूर आंदोलनों से जुड़ीं। उन्होंने महिलाओं के मताधिकार के लिए लड़ने वाले संगठनों में भी काम किया, लेकिन जल्द ही उन्हें एहसास हुआ कि महिलाओं की ज़रूरतें इससे कहीं ज़्यादा हैं।

मारिया ने मज़दूरों और प्रगतिशील प्रेस के साथ मिलकर काम किया और १९२३ में "रेनासेंस" पत्रिका की शुरुआत की। उन्होंने फासीवाद और सैन्यवाद का खुलकर विरोध किया और युद्ध-विरोधी आंदोलनों में सक्रिय रूप से भाग लिया।

१९२८ से १९३७ तक, मारिया गुआरारेमा में एक कृषि समुदाय में रहीं, जो व्यक्तिवादी अराजकतावादियों और प्रथम विश्व युद्ध के निर्वासित लोगों द्वारा बनाया गया था। इस दौरान, उन्होंने "ओ कॉम्बेट" अखबार के लिए नियमित रूप से लिखा और उरुग्वे और अर्जेंटीना में व्याख्यान दिए।

विचार और विरासत:

मारिया लेसेर्डा डे मोरा ब्राज़ील में नारीवाद की अग्रदूतों में से एक मानी जाती हैं। उनका लेखन महिलाओं की स्थिति, मुक्त प्रेम, यौन आनंद का अधिकार, तलाक, तर्कसंगत मातृत्व, वेश्यावृत्ति, लिपिकवाद के खिलाफ लड़ाई, फासीवाद और सैन्यवाद जैसे विषयों पर केंद्रित था।

उन्होंने महिला मुक्ति और पूंजीवाद से व्यक्ति की मुक्ति के बीच एक महत्वपूर्ण संबंध स्थापित किया। उनके विचार आज भी प्रासंगिक हैं और नारीवादियों और सामाजिक न्याय के पैरोकारों को प्रेरित करते रहेंगे।


Maria Lacerda de Moura was a Brazilian teacher, writer and anarcha-feminist. The daughter of spiritist and anti-clerical parents, she grew up in the city of Barbacena, in the interior of Minas Gerais, where she graduated as a teacher at the Escola Normal Municipal de Barbacena and participated in official efforts to tackle social inequality through national literacy campaigns and educational reforms.