बकासुर (सारस दानव)
Crane demon in Hindu mythology
बकासुर : कंस का साथी और श्रीकृष्ण का एक शत्रु
बकासुर एक राक्षस था जो एक विशाल बगुले का रूप धारण करता था। वह भगवान श्रीकृष्ण का शत्रु था और दुष्ट राजा कंस का साथी था। बकासुर, पूतना और अघासुर का भाई था।
कंस को एक अज्ञात आवाज और देवी योगमाया द्वारा भविष्यवाणी की गई थी कि उसका वध एक बालक करेगा। इस भविष्यवाणी से भयभीत होकर कंस ने श्रीकृष्ण को मारने के लिए कई राक्षसों को भेजा, जिनमें से एक बकासुर भी था।
कंस ने बकासुर को बगुले के रूप में श्रीकृष्ण को मारने के लिए भेजा। विशालकाय बगुले ने अपने नुकीले चोंच से श्रीकृष्ण पर हमला किया।
हालांकि, श्रीकृष्ण ने अपनी अलौकिक शक्ति से बकासुर की चोंच को पकड़ लिया और उसे तब तक खींचता रहा जब तक कि वह टूट नहीं गई। चोंच टूटने से बकासुर दर्द से चीख़ता हुआ मर गया।
इस प्रकार, श्रीकृष्ण ने बकासुर का वध करके कंस के एक और दुष्ट साथी का अंत किया।
कुछ अतिरिक्त बिंदु:
- बकासुर का नाम संस्कृत शब्द "बक" से लिया गया है, जिसका अर्थ है बगुला।
- बकासुर को अत्यधिक भूख लगने के लिए जाना जाता था और वह एक बार में सैकड़ों लोगों को खा जाता था।
- श्रीकृष्ण द्वारा बकासुर का वध उनके बाल रूप में उनकी शक्ति और वीरता का प्रतीक है।