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क्षीर सागर

Kshira Sagara

Divine ocean in Hindu mythology

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हिन्दू धर्म में क्षीर सागर: अमरत्व का मंथन

हिन्दू धर्म की ब्रह्मांड रचना में, क्षीर सागर (IAST: Kṣīra Sāgara; तमिल: Tiruppāṟkaṭal; मलयालम: Pālāḻi) सात महासागरों में से पांचवां महासागर है जो केंद्र से बाहर स्थित है। यह क्रौंच द्वीप के चारों ओर फैला हुआ है। हिन्दू धर्म ग्रंथों के अनुसार, देवताओं और असुरों ने मिलकर एक सहस्त्राब्दी तक इस सागर का मंथन किया ताकि वे अमृत प्राप्त कर सकें, जो अमरत्व का अमृत है। यह प्रसंग पुराणों के समंदर मंथन अध्याय में वर्णित है, जो प्राचीन हिन्दू किंवदंतियों का एक संग्रह है।

क्षीर सागर को दूध का सागर भी कहा जाता है। यह वह स्थान है जहां भगवान विष्णु अपने सर्प-वाहन शेषनाग पर विराजमान रहते हैं, उनकी पत्नी लक्ष्मी उनके साथ रहती हैं।

क्षीर सागर मंथन की कहानी:

देवताओं और असुरों के बीच एक लंबे समय से युद्ध चल रहा था। देवता असुरों से पराजित हो रहे थे और परेशान हो गए। देवताओं ने ब्रह्माजी से सलाह मांगी। ब्रह्माजी ने उन्हें क्षीर सागर का मंथन करने की सलाह दी। अमृत प्राप्त करने के लिए, देवताओं और असुरों ने मंथन के लिए एक साथ काम करने का फैसला किया।

इसके लिए उन्होंने एक विशाल पर्वत, मंदराचल पर्वत को मंथन दंड के रूप में इस्तेमाल किया। वासुकि सर्प को रस्सी बनाया गया, जिसे दोनों पक्षों से पकड़कर खींचा गया। मंथन के दौरान समुद्र से अनेक अद्भुत वस्तुएं निकलीं, जैसे कि:

  • हलाहल विष: यह एक बेहद जहरीला विष था जिससे पूरी दुनिया नष्ट हो सकती थी। भगवान शिव ने इसका सेवन करके इसे अपने शरीर में सोख लिया।
  • कल्पवृक्ष: यह एक ऐसी वृक्ष थी जो हर तरह की मनोकामना पूरी करती थी।
  • कैलाश पर्वत: यह भगवान शिव का निवास स्थान है।
  • लक्ष्मी: भगवान विष्णु की पत्नी, धन और समृद्धि की देवी।
  • ऐरावत: इंद्र का हाथी।
  • उच्चैश्रवा: इंद्र का घोड़ा।
  • कामधेनु: एक दिव्य गाय जो हर तरह का इच्छित दूध देती थी।
  • अमृत: अमरत्व का अमृत, जो देवताओं को अमर जीवन प्रदान करता था।

अमृत प्राप्त करने की इच्छा से असुरों ने देवताओं से धोखा किया, लेकिन देवताओं ने अमृत प्राप्त करके अपने आप को अमर बना लिया। क्षीर सागर का मंथन हिन्दू धर्म की एक महत्वपूर्ण कहानी है जो अच्छे और बुरे के बीच संघर्ष, धोखा और विश्वास की महिमा को दर्शाती है।


In Hindu cosmology, the Kshira Sagara or Ocean of Milk is the fifth from the centre of the seven oceans. It surrounds the continent known as Krauncha. According to Hindu scriptures, the devas and asuras worked together for a millennium to churn this ocean in order to acquire amrita, the elixir of immortal life. The episode is mentioned in the Samudra Manthana chapter of the Puranas, a body of ancient Hindu legends. The Kshira Sagara is described as the place where the deity Vishnu reclines over his serpent-mount Shesha, accompanied by his consort, Lakshmi.