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जीवन का सुख और दुख
Solutions
✿ ✿ ✿भय और चिंता दूर करे सरल उपाय
बहुत से लोगों को अनावश्यक भय और चिंता सताती रहती है जिसके कारण वे तनाव में रहने लगते हैं। तनाव में रहने की आदत भी हो जाती है जिसके चलते व्यक्ति कई तरह के रोग से भी घिर सकता है।
ऐसे व्यक्ति को मन ही मन हनुमानजी के मंत्र ॐ हनुमते नम: या ॐ हनुमंते नम: का जप करते रहना चाहिए।
रात में सोते समय उसे 108 बार इस मंत्र का जप करके सो जाना चाहिए और सुबह उठकर नित्यकर्म से निपटने के बाद एक आसन पर बैठकर इस मंत्र का जप करना चाहिए।
इस सरल उपाय से धीरे-धीरे भय, चिंता, तनाव और आशंका मिटने लगेंगे, और जीवन खुशियों से भर जाएगा।
ऐसे व्यक्ति को मन ही मन हनुमानजी के मंत्र ॐ हनुमते नम: या ॐ हनुमंते नम: का जप करते रहना चाहिए।
रात में सोते समय उसे 108 बार इस मंत्र का जप करके सो जाना चाहिए और सुबह उठकर नित्यकर्म से निपटने के बाद एक आसन पर बैठकर इस मंत्र का जप करना चाहिए।
इस सरल उपाय से धीरे-धीरे भय, चिंता, तनाव और आशंका मिटने लगेंगे, और जीवन खुशियों से भर जाएगा।
घर में रहेगी सुख-शांति
सभी चाहते हैं कि उनके घर में सुख-शांति रहे और किसी प्रकार की क्लेश न हो। लेकिन वर्तमान समय में ऐसे कम ही घर होते हैं जहां किसी प्रकार का क्लेश न होता हो। अगर आपके घर में आए दिन किसी न किसी बात पर क्लेश होता है तो इसके लिए यह उपाय करें-
शनिवार को स्नान आदि करने के बाद किसी पीपल के पेड़ से एक पत्ता तोड़ लाएं। उस पर सफेद चंदन से गायत्री मंत्र लिखें और उसका पूजन करें। अब इसे किसी ऐसे स्थान पर रख दें जहां किसी की नजर इस पर न पड़े यदि आप धन-संपत्ति चाहते हैं इस पत्ते को अपने कैश बॉक्स में भी रख सकते हैं लेकिन यह किसी को दिखाई न दे इस प्रकार रखें। इस पीपल के पत्ते को हर शनिवार को बदलते रहें। इससे घर में सुख-शांति रहेगी और धन-संपत्ति भी बढ़ती रहेगी।
शनिवार को स्नान आदि करने के बाद किसी पीपल के पेड़ से एक पत्ता तोड़ लाएं। उस पर सफेद चंदन से गायत्री मंत्र लिखें और उसका पूजन करें। अब इसे किसी ऐसे स्थान पर रख दें जहां किसी की नजर इस पर न पड़े यदि आप धन-संपत्ति चाहते हैं इस पत्ते को अपने कैश बॉक्स में भी रख सकते हैं लेकिन यह किसी को दिखाई न दे इस प्रकार रखें। इस पीपल के पत्ते को हर शनिवार को बदलते रहें। इससे घर में सुख-शांति रहेगी और धन-संपत्ति भी बढ़ती रहेगी।
जीवन में खुशहाली
ईश्वर को हर चीज के लिए कहें धन्यवाद
जरूरी नहीं कि आप सुबह नहा-धोकर ईश्वर की मूर्ति या तस्वीर के सामने बैठ जाएं।आप मन में उस परमपिता परमेश्वर का ध्यान करें, ईश्वर को उसकी दी हुई चीजों के लिए धन्यवाद कहें और अपना दिन मंगलमयी होने की प्रार्थना करें।प्रतिदिन नियम से ऐसा करें और फिर देखिए, जब आप हर चीज के लिए धन्यवाद कर पाएंगे तो आपको चारों ओर सकारात्मकता ही नजर आएगी।छोटी-छोटी चीजों में अपनी खुशियां ढूढने की कोशिश करें।
ये मंत्र जरूर कहें
कराग्रे वसते लक्ष्मी कर मध्ये सरस्वती। करमूले तू ब्रह्मा, प्रभाते कर दर्शनम्।शास्त्रों में इस मंत्र का जाप किसी भी नित्य कर्म से सबसे पहले करने को कहा गया है।यानी सोकर उठते ही आप इस मंत्र का जाप करें, दिनभर की चिंताओं से मुक्त हो जाइए।इस मंत्र का जाप करते हुए हथेलियों के अलावा किसी और चीज को ना देखें।सुबह उठते ही इस मंत्र का एक बार जाप करना अपने लिए खुशियों की प्रार्थना करने जेसा है।
गरीब को भोजन कराएं
घर में खाना तो सबके ही बनाता है, हर रोज बनने वाले खाने में थोड़ा सा भोजन एक ऐसे व्यक्ति के लिए निकाल लें जिसे आप रोजाना भूखा पाते हों , जिसकी मदद आप करना चाहते हों लेकिन ना कर पाते हों।उसे रोज खाना खिलाकर आप उसकी मदद कर सकते हैं।ऐसा करके आपके दिल को जो सुकून मिलेगा वो किसी भी ओर खुशी से बढ़कर होगा।
जरूरी नहीं कि आप सुबह नहा-धोकर ईश्वर की मूर्ति या तस्वीर के सामने बैठ जाएं।आप मन में उस परमपिता परमेश्वर का ध्यान करें, ईश्वर को उसकी दी हुई चीजों के लिए धन्यवाद कहें और अपना दिन मंगलमयी होने की प्रार्थना करें।प्रतिदिन नियम से ऐसा करें और फिर देखिए, जब आप हर चीज के लिए धन्यवाद कर पाएंगे तो आपको चारों ओर सकारात्मकता ही नजर आएगी।छोटी-छोटी चीजों में अपनी खुशियां ढूढने की कोशिश करें।
ये मंत्र जरूर कहें
कराग्रे वसते लक्ष्मी कर मध्ये सरस्वती। करमूले तू ब्रह्मा, प्रभाते कर दर्शनम्।शास्त्रों में इस मंत्र का जाप किसी भी नित्य कर्म से सबसे पहले करने को कहा गया है।यानी सोकर उठते ही आप इस मंत्र का जाप करें, दिनभर की चिंताओं से मुक्त हो जाइए।इस मंत्र का जाप करते हुए हथेलियों के अलावा किसी और चीज को ना देखें।सुबह उठते ही इस मंत्र का एक बार जाप करना अपने लिए खुशियों की प्रार्थना करने जेसा है।
गरीब को भोजन कराएं
घर में खाना तो सबके ही बनाता है, हर रोज बनने वाले खाने में थोड़ा सा भोजन एक ऐसे व्यक्ति के लिए निकाल लें जिसे आप रोजाना भूखा पाते हों , जिसकी मदद आप करना चाहते हों लेकिन ना कर पाते हों।उसे रोज खाना खिलाकर आप उसकी मदद कर सकते हैं।ऐसा करके आपके दिल को जो सुकून मिलेगा वो किसी भी ओर खुशी से बढ़कर होगा।
जीवन में खुशहाली का मूल मंत्र
बड़ों का आशीर्वाद
अगर आप अपने मात-पिता के साथ रहते हैं तो सुबह उठकर सबसे पहले उनका आशीर्वाद लें।बड़े-बुजुर्गों के आशीर्वाद से घर पर खुशियां बनी रहती हैं।आप बुरी विपत्तियों से बचे रहते हैं।हिंदू धर्म में बड़े-बुजुर्गों को भगवान का दर्जा दिया गया है।अगर आप अपने माता-पिता की सच्चे मन से सेवा करते हैं तो आपको ईश्वर की आराधना की भी जरूरत नहीं।उन्हीं से आपको जीवन जीने का सबसे बड़ा आशीर्वाद मिल जाएगा।
घर में खुशबू का वातावरण रखें
अपने घर में खुशबू का प्रवाह बनाकर रखें।इत्र आदि का प्रयोग कर सकते हैं, लिकिवड फिलर्स भी बाजार में आते हैं।रूम फ्रेशनर आदि से घर की हवा को ताजा बनाए रखें।खुशबूदार हवा आपके मस्तिष्क में हैप्पी हार्मोन्स का स्त्राव करती है।आप जब भी घर आते हैं तो खुद को तरोताजा महसूस करते हैं।
दीपक जरूर जलाएं
आप घर में रखे मंदिर में दीपक जरूर जलाएं।इसे मंदिर को जागृत रखना कहते हैं।ईश्वर को समय दें, ना दें लेकिन अगर आपने उन्हें घर में स्थान दिया है तो उनके सममुख दिन में एक बार नहीं तो सुबह और शाम दीपक जरूर जलाएं।ईश्वर के सम्मुख अपने कष्टों को कह देने भर से आपको राहत महसूस होने लगती है।एक बार कोशिश करके देखें।खुश रहने के ये मूलमंत्र बहुत छोटे-छोटे हैं और आसान भी।
अगर आप अपने मात-पिता के साथ रहते हैं तो सुबह उठकर सबसे पहले उनका आशीर्वाद लें।बड़े-बुजुर्गों के आशीर्वाद से घर पर खुशियां बनी रहती हैं।आप बुरी विपत्तियों से बचे रहते हैं।हिंदू धर्म में बड़े-बुजुर्गों को भगवान का दर्जा दिया गया है।अगर आप अपने माता-पिता की सच्चे मन से सेवा करते हैं तो आपको ईश्वर की आराधना की भी जरूरत नहीं।उन्हीं से आपको जीवन जीने का सबसे बड़ा आशीर्वाद मिल जाएगा।
घर में खुशबू का वातावरण रखें
अपने घर में खुशबू का प्रवाह बनाकर रखें।इत्र आदि का प्रयोग कर सकते हैं, लिकिवड फिलर्स भी बाजार में आते हैं।रूम फ्रेशनर आदि से घर की हवा को ताजा बनाए रखें।खुशबूदार हवा आपके मस्तिष्क में हैप्पी हार्मोन्स का स्त्राव करती है।आप जब भी घर आते हैं तो खुद को तरोताजा महसूस करते हैं।
दीपक जरूर जलाएं
आप घर में रखे मंदिर में दीपक जरूर जलाएं।इसे मंदिर को जागृत रखना कहते हैं।ईश्वर को समय दें, ना दें लेकिन अगर आपने उन्हें घर में स्थान दिया है तो उनके सममुख दिन में एक बार नहीं तो सुबह और शाम दीपक जरूर जलाएं।ईश्वर के सम्मुख अपने कष्टों को कह देने भर से आपको राहत महसूस होने लगती है।एक बार कोशिश करके देखें।खुश रहने के ये मूलमंत्र बहुत छोटे-छोटे हैं और आसान भी।