हिंदू पंचांग के अनुसार चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि और पुष्य नक्षत्र पर रामनवमी का त्योहार मनाया जाता है। चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की नवमी को श्री राम का जन्म (5114 ईसापूर्व) हुआ था, इसलिए इस पर्व को भगवान श्रीराम को समर्पित किया गया है।
राम नवमी का त्योहार बेहद ही खास और पवित्र माना जाता है। इस दिन हर घर में भगवान श्री राम की विशेष पूजा-अर्चना की जाती है। इस दिन लोग श्री राम की पूजा तो करते ही हैं। साथ ही अपने दोस्तों और परिजनों को राम नवमी की शुभकामनाएं भी देते हैं।
भगवान श्री राम विष्णु के सातवें अवतार है श्री राम का जन्म राजा दशरथ के घर में हुआ था उसकी माता का नाम कौशल्या था। राम नवमी का त्यौहार बहुत सालों से मनाया जाता है इस दिन को हिंदू समाज में बहुत महत्व दिया जाता है। श्री राम की सच्चे मन से पूजा और आराधना करने से सभी की मनोकामना पूरी होती है सारे दुःख दर्द दूर हो जाते है और जीवन में सुख-शांति बनी रहती है दुनिया भर में राम नवमी के दिन मदिरों और मठों में पूजा अर्चना की जाती है।
श्री राम भगवान विष्णु भगवान के सातवें अवतार है, श्री राम हमेशा सच्चाई का मार्गदर्शन करने वाले और कष्टों को दूर करने वाले है। जब त्रेता युग में रावण का अत्याचार बोहोत अधिक बढ़ गया तब भगवान विष्णु ने धरती पर राम अवतार में जन्म लिया और रावण का वध किया।
भगवान श्री राम को मर्यादा पुरुषोत्तम राम भी कहा जाता है। श्री राम का विवाह राजा जनक की पुत्री माता जानकी से हुआ, जिन्हे सीता या वैदेही आदि नामो से भी जाना जाता है।