गंगा आरती । प्रयागराज कुम्भ २०१९
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भारतवर्ष में प्रकृति के विभिन्न स्वरूपों यथा नदी, पर्वत ,वृक्ष आदि को देव-स्वरुप मान कर उनकी आराधना करने का प्रचलन आदिकाल से चला आ रहा है। इसी क्रम में जीवनदायिनी निरंतर प्रवाहयुक्त नदियों को प्रमुखता प्रदान की गई है। सरल शब्दों में जीवनदायिनी के प्रति मानव कृतज्ञ होकर अपने भावों की अभिव्यक्ति उनके तट पर आरती के माध्यम से करता आ रहा है, जिसमे विशाल जनसमूह श्रद्धाभाव से सम्मिलित होता है। कहीं यह संख्या सैकड़ों में होती है तो कहीं हज़ारों में तो कहीं कभी-कभी लाखों तक पहुँच जाती है। इसी प्रकार श्रद्धाभाव, आदर एवं सम्मान से ओत-प्रोत आरतियाँ तीर्थराज प्रयाग में गंगा एवं यमुना के तटों के साथ- साथ संगम स्थल पर भी आयोजित होती हैं। यहाँ प्रयागराज मेला प्राधिकरण एवं विभिन्न समितियों द्वारा बड़े धूम-धाम से आरतियाँ कराई जाती हैं जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु भाग लेते हैं। विशेष पर्वों पर तो यह संख्या लाखों के पार भी हो जाती है। प्रयागराज में यह आरतियाँ प्रातः एवं संध्याकाल में होती हैं। जिसमें पाँच से सात की संख्या में बटुक (पुजारी) बड़ी-बड़ी थालों में माँ स्वरूपिणी गंगा जी एवं यमुना जी एवं अदृश्य सरस्वती की आराधना बड़े ही भक्ति-भाव से करते हैं। बटुकों के हांथो में आरती की थालियाँ जैसे साक्षात् पंचतत्वों के महत्त्व को समझाती दिखती हैं। एक ओर ज्वाला जल के चरणों में शीश नवाती हैं तो दूसरी ओर उससे उठता धूम धरा पर व्योम का स्वांग रचता प्रतीत होता है। अधिक जानकारी हेतु वीडियो देखे और फेसबुक, ट्विटर, एवं इंस्टाग्राम में पसंद व साझा करे । Links: Website: https://kumbh.gov.in/ Facebook: https://www.facebook.com/prayagrajkumbh/ Twitter: https://twitter.com/PrayagrajKumbh Instagram: https://instagram.com/Kumbh.2019
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