नकली धार्मिक आदमी को कैसे पहचानें? || आचार्य प्रशांत, संत कबीर पर (2023)
विवरण देखें
🧔🏻♂️ आचार्य प्रशांत गीता पढ़ा रहे हैं। घर बैठे लाइव सत्रों से जुड़ें, अभी फॉर्म भरें — https://acharyaprashant.org/hi/enquiry-gita?cmId=m00021 📚 आचार्य प्रशांत की पुस्तकें पढ़ना चाहते हैं? फ्री डिलीवरी पाएँ: https://acharyaprashant.org/hi/books?cmId=m00021 📲 आचार्य प्रशांत की मोबाइल ऐप डाउनलोड करें: Android: https://play.google.com/store/apps/details?id=org.acharyaprashant.apbooks iOS: https://apps.apple.com/in/app/acharya-prashant/id1603611866 📝 चुनिंदा बोध लेख पढ़ें, खास आपके लिए: https://acharyaprashant.org/en/articles?l=1&cmId=m00021 ➖➖➖➖➖➖ #acharyaprashant #gita वीडियो जानकारी: 31.12.23, संत सरिता, ग्रेटर नोएडा प्रसंग: भगवद गीता - 4.2 एवं परम्पराप्राप्तमिमं राजर्षयो विदुः । स कालेनेह महता योगो नष्टः परंतप ॥ २ ॥ एवं (इस प्रकार) परम्पराप्राप्तं (क्षत्रियों की परम्परा से प्राप्त) इम् (यह योग) राजा ऋषयः (निमि आदि राजा लोग) विदुः (जानते थे) परन्तप (हे शत्रुतापन अर्जुन) इह (इस लोक में) स: (वह) योग: (योग) महता (दीर्घ) कालेन (काल से) नष्टः (नष्ट हो गया है) ||२|| और इस तरह परम्परा से ये जो मेरी बात है, यह बात राजा, ऋषि और विद्वान जानते रहे। एक दूसरे को बताते रहे, ज्ञान की एक परंपरा चलती रही लेकिन अभी इस लोक में मेरी वो बात, वो योग नष्ट हो गया है। ➖➖➖➖➖➖ ~ धार्मिक आदमी कौन है? ~ ज़िंदगी में घटाना आसान है या जोड़ना? ~ हटो और घटो। ~ जो सबकुछ मैं जान रहा हूँ उससे पा क्या रहा हूँ? संगीत: मिलिंद दाते ~~~~~
और भजन सुनें



















