(गीता-31) समय क्या है? भूत,भविष्य,वर्तमान क्या हैं? || आचार्य प्रशांत, भगवद् गीता पर (2023)
विवरण देखें
🧔🏻♂️ आचार्य प्रशांत गीता पढ़ा रहे हैं। घर बैठे लाइव सत्रों से जुड़ें, अभी फॉर्म भरें — https://acharyaprashant.org/hi/enquiry-gita?cmId=m00021 📚 आचार्य प्रशांत की पुस्तकें पढ़ना चाहते हैं? फ्री डिलीवरी पाएँ: https://acharyaprashant.org/hi/books?cmId=m00021 📲 आचार्य प्रशांत की मोबाइल ऐप डाउनलोड करें: Android: https://play.google.com/store/apps/details?id=org.acharyaprashant.apbooks iOS: https://apps.apple.com/in/app/acharya-prashant/id1603611866 📝 चुनिंदा बोध लेख पढ़ें, खास आपके लिए: https://acharyaprashant.org/en/articles?l=1&cmId=m00021 ➖➖➖➖➖➖ #acharyaprashant #time #timetravel #future वीडियो जानकारी: 26.12.23, गीता समागम, ग्रेटर नॉएडा प्रसंग: ~ भूत, भविष्य, वर्तमान क्या हैं? ~ समय का अंत क्या है? ~ अतीत के प्रभावों से कैसे बचें? ~ वर्तमान में जीना क्या है? ~ भविष्य सुंदर बनाने का क्या अर्थ है? ~ अमरता क्या है? ~ समयातीत क्या है? ~ समय के ख़त्म होने के बाद क्या होगा? ~ पुरानी बेहोशियाँ, आज की परंपराएँ बन जाती हैं। ~ पुरानी गलतियाँ, आज की आदत कहलाती हैं। ~ अतीत को दोहराने की माँग वही करते हैं, जो अतीत से बेखबर होते हैं। इसीलिए जो लोग कामनाओं में ज़्यादा जीते हैं उनके लिए झूठ आवश्यक हो जाता है। ~ अतीत को याद रखना ताकि अतीत दोहराना न पड़े। जो अपनी गलती नहीं स्वीकार पाता, वो अभी भी गलत है। ~ भविष्य मन की सामग्री है, और मन की वो सामग्री कहाँ से आती है? अतीत से ही तो आती है। ~ अतीत से मुक्ति = समग्र समय से मुक्ति। ~ बिना अतीत के आप भविष्य की कल्पना नहीं कर सकते। ~ जिसके पास कामना नहीं वो कभी मरेगा नहीं। कामना से मुक्ति माने मृत्यु से मुक्ति। ~ वर्तमान वो बिंदु होता है जिस पर चेतना काम कर सकती है, इसलिए सिर्फ वहाँ बदलाव सम्भव है। ~ जिसको भविष्य की बहुत फिक्र है, उसके लिए ना तो मुक्ति है, ना प्रेम है और ना ही सत्य है। ~ अगर अतीत ही भविष्य है तो फिर क्या वर्तमान जैसा मेरे जीवन में कुछ नहीं है क्या? संगीत: मिलिंद दाते ~~~~~
और भजन सुनें
















![Om Jai Mansa Devi (Aarti) By SHIVANI CHANANA [Full VideoSong] Aalha Mansa Maiya Ka](https://i.ytimg.com/vi/tHuMIor8YCk/mqdefault.jpg)


