Diwan Mulraj Chopra

दीवान मूलराज चोपड़ा

Diwan Mulraj Chopra

मूलराज चोपड़ा: मुल्तान के दीवान और अंग्रेजों के खिलाफ विद्रोह के अगुआ

मूलराज चोपड़ा (१८१४ - ११ अगस्त १८५१) मुल्तान के दीवान (गवर्नर) थे और अंग्रेजों के खिलाफ हुए एक सिख विद्रोह के प्रमुख नेता थे जिसने दूसरे आंग्ल-सिख युद्ध को जन्म दिया।

यहाँ कुछ और विस्तृत जानकारी हिंदी में दी गई है:

  • मूलराज चोपड़ा मुल्तान के एक शक्तिशाली और प्रभावशाली व्यक्ति थे। वह मुल्तान के पूर्व दीवान, सवान मल के बेटे थे, और उन्होंने अपने पिता की मृत्यु के बाद दीवान का पद संभाला था।
  • उनका अंग्रेजों से टकराव तब हुआ जब ईस्ट इंडिया कंपनी ने मुल्तान पर कब्जा करने की कोशिश की। अंग्रेजों ने मुल्तान को अपने साम्राज्य में मिलाना चाहा क्योंकि यह एक महत्वपूर्ण व्यापारिक मार्ग पर स्थित था।
  • मूलराज ने अंग्रेजों का विरोध किया और अपने शासन की रक्षा के लिए सेना खड़ी की। उनके साथ कई सिख सैनिक भी थे जो अंग्रेजों के खिलाफ लड़ने के लिए तैयार थे।
  • इस विद्रोह को दबाने के लिए अंग्रेजों को एक बड़ी सेना भेजनी पड़ी। इसके परिणामस्वरूप दूसरा आंग्ल-सिख युद्ध छिड़ गया जो दो साल तक चला।
  • अंततः मूलराज को हार का सामना करना पड़ा और उन्हें अंग्रेजों ने बंदी बना लिया। उन पर मुकदमा चलाया गया और उन्हें मौत की सजा सुनाई गई, लेकिन बाद में सजा को आजीवन कारावास में बदल दिया गया।
  • ११ अगस्त १८५१ को जेल में ही मूलराज की मृत्यु हो गई।

मूलराज चोपड़ा को आज भी कई लोग एक स्वतंत्रता सेनानी के रूप में याद करते हैं जिन्होंने अंग्रेजों के साम्राज्यवाद का डटकर मुकाबला किया।


Mulraj Chopra was the Diwan (governor) of Multan and leader of a Sikh rebellion against the British which led to the Second Anglo-Sikh War.