पुष्य
Pushya
8th lunar mansion in Hindu astronomy
पुष्य नक्षत्र: विस्तृत जानकारी
पुष्य, जिसे तिष्य भी कहा जाता है, जिसका अर्थ होता है "देखना", भारतीय ज्योतिष में एक महत्वपूर्ण नक्षत्र है। यह कर्क राशि में स्थित तीन तारों से पहचाना जाता है: गामा कैंक्री, डेल्टा कैंक्री और थीटा कैंक्री।
अन्य भाषाओं में नाम:
- तेलुगु: पुष्यमि (పుష్యమి)
- तमिल: पूसम (பூசம்)
- मलयालम: पूयम (പൂയം)
महत्व:
पुष्य नक्षत्र को ज्योतिष शास्त्र में अत्यंत शुभ माना जाता है। यह समृद्धि, उन्नति, खुशी और सफलता का प्रतीक है। इस नक्षत्र में जन्मे लोग बुद्धिमान, दयालु, धार्मिक और कला प्रेमी होते हैं।
विशेषताएँ:
- स्वामी: बृहस्पति
- राशि: कर्क
- प्रतीक: गाय का थन, फूल, कमल
- गुण: शुभ, स्थिर, मृदु
- तत्व: जल
पुष्य नक्षत्र में किए जाने वाले शुभ कार्य:
- नए व्यवसाय की शुरुआत
- गृह प्रवेश
- विवाह
- शिक्षा आरंभ
- यात्रा
- निवेश
विशेष मान्यता:
मान्यता है कि पुष्य नक्षत्र में किये गए कार्यों का फल कई गुना अधिक मिलता है। इसलिए इसे "सिद्धिदा नक्षत्र" भी कहा जाता है।
Pushya is a nakshatra in Indian astrology. Some texts refer to it as Tishya, meaning "to look". It corresponds to γ, δ, and θ Cancri in the Cancer (constellation). Pushya is known as Pushyami (పుష్యమి) in Telugu, Poosam (பூசம்) in Tamil, and Pooyam (പൂയം) in Malayalam.