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समय की हिन्दू इकाइयाँ

Hindu units of time
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हिन्दू समय मापन पद्धति:

हिन्दू धर्मग्रंथों में समय (काल) को अनंत बताया गया है और उसकी मापन की विभिन्न इकाइयाँ बताई गई हैं जो कि माइक्रोसेकंड से लेकर खरबों वर्षों तक की हैं। इनमें ब्रह्मांडीय कालचक्र भी शामिल हैं जो हिंदू ब्रह्मांड विज्ञान में सामान्य घटनाओं की पुनरावृत्ति को दर्शाते हैं।

समय और उसकी इकाइयों का वर्णन वेदों, मनुस्मृति, भागवत पुराण, विष्णु पुराण, महाभारत, सूर्य सिद्धांत आदि ग्रंथों में मिलता है।

यहाँ कुछ प्रमुख इकाइयों का विस्तृत वर्णन है:

सूक्ष्मतम समय इकाइयाँ:

  • परमाणु: यह समय की सबसे छोटी इकाई मानी जाती है, जो एक परमाणु के द्रव्यमान को बनाने वाले कणों के कंपन के बराबर होती है।
  • त्रुटि: ३ परमाणु मिलकर एक त्रुटि बनाते हैं।
  • क्षण: १०० त्रुटि मिलकर एक क्षण बनाते हैं। यह एक पलक झपकने के समय के बराबर माना जाता है।
  • मुहूर्त: ४८ मिनट का एक मुहूर्त होता है। यह शुभ कार्यों के लिए महत्वपूर्ण समय अवधि मानी जाती है।

दीर्घतम समय इकाइयाँ:

  • कल्प: एक कल्प ब्रह्मा के एक दिन के बराबर होता है, जो कि ४.३२ अरब मानव वर्षों के बराबर है। यह सृष्टि के निर्माण और विनाश के एक चक्र को दर्शाता है।
  • मन्वन्तर: एक कल्प में १४ मन्वन्तर होते हैं, अर्थात एक मन्वन्तर लगभग 308.4 मिलियन वर्षों का होता है। प्रत्येक मन्वन्तर में एक अलग मनु और देवताओं का शासन होता है।
  • युग: एक मन्वन्तर में चार युग होते हैं - सतयुग, त्रेता युग, द्वापर युग और कलियुग। इन युगों की अवधि क्रमशः घटती जाती है, जो धर्म के ह्रास को दर्शाता है।
  • महायुग: चारों युगों (सतयुग, त्रेता, द्वापर और कलियुग) को मिलाकर एक महायुग बनता है।

इनके अलावा और भी कई समय इकाइयाँ हैं जैसे दिन, रात, पक्ष, मास, वर्ष आदि जो मानव जीवन को व्यवस्थित करने के लिए उपयोग की जाती हैं।

हिन्दू समय मापन पद्धति केवल काल गणना ही नहीं बल्कि जीवन, मृत्यु और ब्रह्मांड के रहस्यों को समझने का एक दार्शनिक दृष्टिकोण भी प्रस्तुत करती है।


Hindu units of time are described in Hindu texts ranging from microseconds to trillions of years, including cycles of cosmic time that repeat general events in Hindu cosmology. Time is described as eternal. Various fragments of time are described in the Vedas, Manusmriti, Bhagavata Purana, Vishnu Purana, Mahabharata, Surya Siddhanta etc.