Jyeshtha (nakshatra)

ज्येष्ठा (नक्षत्र)

Jyeshtha (nakshatra)

18th lunar mansion in Hindu astronomy

ज्येष्ठा नक्षत्र: एक विस्तृत विवरण (Jyeshtha Nakshatra: A Detailed Description in Hindi)

"ज्येष्ठा" एक संस्कृत शब्द है जिसका अर्थ है "सबसे बड़ा" या "ज्येष्ठ"। यह हिन्दू खगोलशास्त्र और वैदिक ज्योतिष में अठारहवाँ नक्षत्र है। ज्येष्ठा नक्षत्र वृश्चिक राशि के तारामंडल से जुड़ा हुआ है, और इसमें मुख्य रूप से दस तारे शामिल हैं:

  • ε Sco (एप्सिलॉन स्कोर्पी)
  • ζ<sup>1</sup> Sco (ज़ेटा 1 स्कोर्पी)
  • η Sco (एटा स्कोर्पी)
  • θ Sco (थीटा स्कोर्पी)
  • ι<sup>1</sup> Sco (आयोटा 1 स्कोर्पी)
  • κ Sco (कप्पा स्कोर्पी)
  • λ Sco (लैम्ब्डा स्कोर्पी)
  • μ Sco (म्यू स्कोर्पी)
  • ν Sco (नू स्कोर्पी)

प्रमुख विशेषताएं:

  • अधिष्ठाता देवता: इंद्र (देवराज)
  • प्रतीक: गोल छतरी, हाथी का दांत, झुमका
  • स्वभाव: तीक्ष्ण, उग्र, प्रबल
  • गुण: धर्म, कर्म, तेज
  • राशि: वृश्चिक (Scorpio)
  • पद: वृश्चिक राशि के १६°४०' से ३०° तक
  • मुख्य ग्रह: बुध

ज्येष्ठा नक्षत्र में जन्म लेने वाले जातक:

  • सकारात्मक गुण: साहसी, महत्वाकांक्षी, नेतृत्व क्षमता, बुद्धिमान, वाक्पटु, न्यायप्रिय, धार्मिक
  • नकारात्मक गुण: अहंकारी, क्रोधी, जिद्दी, आलोचनात्मक, नियंत्रण करने वाला

अन्य महत्वपूर्ण जानकारी:

  • ज्येष्ठा नक्षत्र को 'गंडांत नक्षत्र' माना जाता है, जिसके कारण इस नक्षत्र में जन्म लेने वाले जातक को जीवन में कुछ विशेष चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है।
  • यह नक्षत्र ज्ञान, शक्ति, और समृद्धि से जुड़ा हुआ है।
  • ज्येष्ठा नक्षत्र में जन्मे लोग अक्सर समाज में उच्च पदों पर आसीन होते हैं।

यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि उपरोक्त जानकारी सामान्य है और व्यक्ति की जन्म कुंडली में अन्य ग्रहों की स्थिति के आधार पर भिन्न हो सकती है।


Jyeshtha is the 18th nakshatra or lunar mansion in Hindu astronomy and Vedic astrology associated with the string of the constellation Scorpii, and the stars ε, ζ1 Sco, η, θ, ι1 Sco, κ, λ, μ and ν Scorpionis.