दिगंबर जैन महासभा
Digambar Jain Mahasabha
Oldest organization of lay Jains in India
Digambar Jain Mahasabha: जैन धर्म के दिगंबर समुदाय का सबसे पुराना संगठन
Digambar Jain Mahasabha, जिसे Shri Bharatvarshiya Digamber Jain Mahasabha भी कहा जाता है, भारत में जैन धर्म के दिगंबर समुदाय का सबसे पुराना और प्रमुख संगठन है। यह संगठन जैन धर्म के सिद्धांतों और मान्यताओं को बढ़ावा देने, जैन समुदाय के सामाजिक और धार्मिक हितों की रक्षा करने और जैन संस्कृति और विरासत के संरक्षण के लिए समर्पित है।
महासभा के उद्देश्य:
- धार्मिक जागरूकता: जैन धर्म के सिद्धांतों, अहिंसा, सत्य, अस्तेय, ब्रह्मचर्य और अपरिग्रह का प्रचार-प्रसार करना।
- सामाजिक उत्थान: जैन समुदाय के शैक्षिक, आर्थिक और सामाजिक विकास के लिए काम करना।
- संस्कृति संरक्षण: जैन मंदिरों, तीर्थस्थलों और ग्रंथों की देखभाल और संरक्षण करना।
- सामाजिक समरसता: सभी धर्मों के लोगों के बीच भाईचारा और सद्भाव को बढ़ावा देना।
महासभा की गतिविधियाँ:
- धार्मिक सम्मेलनों, प्रवचनों और शिविरों का आयोजन
- जैन शिक्षण संस्थानों, छात्रावासों और पुस्तकालयों का संचालन
- गरीब और जरूरतमंद लोगों के लिए चिकित्सा शिविरों और राहत कार्यों का आयोजन
- जैन धर्म से संबंधित पुस्तकों और साहित्य का प्रकाशन
- जैन समुदाय के हितों से संबंधित सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों पर आवाज उठाना
Digambar Jain Mahasabha जैन समुदाय की एक महत्वपूर्ण संस्था है जो जैन धर्म और संस्कृति को जीवित रखने और आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
Digambar Jain Mahasabha or Shri Bharatvarshiya Digamber Jain Mahasabha is the oldest organisation of lay Jains in India.