Kali Yuga

कलियुग

Kali Yuga

Last of four yugas (ages) in Hindu cosmology

कलियुग: हिन्दू धर्म में वर्तमान युग

हिन्दू धर्म में, समय को चक्रों में विभाजित किया गया है, और हर चक्र में चार युग होते हैं। ये चार युग हैं: सतयुग, त्रेतायुग, द्वापरयुग और कलियुग। कलियुग इन चारों युगों में से अंतिम और सबसे छोटा युग है। इसे सबसे खराब युग भी माना जाता है क्योंकि इस युग में पाप, अधर्म और क्लेश अपने चरम पर होते हैं।

कलियुग का आरंभ:

  • पुराणों के अनुसार, भगवान कृष्ण की मृत्यु के साथ ही द्वापर युग का अंत और कलियुग का आरंभ हुआ था।
  • यह घटना 17/18 फरवरी 3102 ईसा पूर्व की मानी जाती है।

कलियुग की अवधि:

  • कलियुग की कुल अवधि 4,32,000 वर्ष (1200 दिव्य वर्ष) है।
  • 2024 ईस्वी तक, कलियुग को आरंभ हुए 5,125 वर्ष हो चुके हैं।
  • इसका अर्थ है कि अभी भी 4,26,875 वर्ष शेष हैं।
  • कलियुग का अंत 4,28,899 ईस्वी में होगा।

कलियुग की विशेषताएँ:

  • कलियुग पाप, अत्याचार, हिंसा, क्रोध, लोभ, मोह, अहंकार, ईर्ष्या, द्वेष और अन्य बुराइयों से भरा हुआ है।
  • इस युग में धर्म का ह्रास, नैतिकता का पतन, और आध्यात्मिक अज्ञानता का बोलबाला होता है।
  • लोग स्वार्थी, लालची, क्रूर और धोखेबाज हो जाते हैं।
  • रिश्तों में दरारें आती हैं और प्रेम, दया, करुणा जैसे गुणों का अभाव होता है।

कलियुग का अंत:

  • कलियुग के अंत में, जब पाप अपने चरम पर होगा, तब भगवान विष्णु का दसवां अवतार, कल्कि अवतार लेंगे।
  • कल्कि भगवान दुष्टों का नाश करेंगे, धर्म की स्थापना करेंगे और सतयुग का आरंभ करेंगे।

महत्वपूर्ण:

कलियुग को एक चेतावनी और जागृति का समय माना जाना चाहिए। हमें अपने कर्मों के प्रति सचेत रहना चाहिए और धर्म, सत्य, न्याय और प्रेम के मार्ग पर चलने का प्रयास करना चाहिए।


Kali Yuga, in Hinduism, is the fourth, shortest and worst of the four yugas in a Yuga Cycle, preceded by Dvapara Yuga and followed by the next cycle's Krita (Satya) Yuga. It is believed to be the present age, which is full of conflict and sin.