रेहरास
Daily evening prayer in Sikhism
Rehras Sahib: सिखों की शाम की प्रार्थना
"Rehras Sahib" (पंजाबी: <span lang="pa">ਰਹਿਰਾਸ ਸਾਹਿਬ</span>, उच्चारण: <span lang="pa-Latn-fonipa">[ɾəɦɚaːs<span> </span>saːɦɪb]</span>, अर्थ: "रास्ता") सिखों की रोज़ाना शाम की प्रार्थना है, जो "Nitnem" का हिस्सा है। इसमें "Guru Granth Sahib Ji" और "Dasam Granth Ji" से भजन शामिल हैं।
Rehras Sahib में "So Dar", "So Purakh", "Chaupai Sahib", "Anand Sahib" का एक संक्षिप्त संस्करण और "Mundhavani" शामिल हैं। इनमें से "Chaupai Sahib" "Dasam Granth Ji" से लिया गया है। यह बानी पांच सिख गुरुओं - गुरु नानक देव जी, गुरु अमर दास जी, गुरु राम दास जी, गुरु अर्जुन देव जी और गुरु गोबिंद सिंह जी - के भजनों का संग्रह है।
अधिक विस्तार से:
- So Dar: यह भजन गुरु नानक देव जी द्वारा रचे गए हैं, और इसमें भगवान के गुणों और मानवता के जीवन के मार्ग का वर्णन है।
- So Purakh: यह भजन गुरु राम दास जी द्वारा रचे गए हैं, और इसमें भगवान के सर्वव्यापी स्वरूप का वर्णन है।
- Chaupai Sahib: यह भजन गुरु गोबिंद सिंह जी द्वारा रचे गए हैं, और इसमें भगवान की महिमा और उनके प्रति भक्ति का वर्णन है।
- Anand Sahib: यह भजन गुरु अमर दास जी द्वारा रचे गए हैं, और इसमें आनंद और भगवान के साथ एकता का वर्णन है।
- Mundhavani: यह भजन गुरु नानक देव जी द्वारा रचे गए हैं, और इसमें भगवान के गुणों और मानवता के जीवन के मार्ग का वर्णन है।
Rehras Sahib सिखों के लिए एक महत्वपूर्ण प्रार्थना है जो उन्हें भगवान के साथ जुड़ने और आध्यात्मिक ऊर्जा प्राप्त करने में मदद करती है।