विशाखा

Vishākhā

16th lunar mansion of Hindu astronomy

विशाखा नक्षत्र: विस्तृत विवरण (हिंदी में)

विशाखा नक्षत्र भारतीय ज्योतिष शास्त्र में एक महत्वपूर्ण नक्षत्र है जो तुला राशि (प्राकृतिक वैदिक ज्योतिष का ७वां भाव) में स्थित है। यह नक्षत्र चार तारों से मिलकर बना है जो आकाश में एक मेहराब जैसी आकृति बनाते हैं।

पौराणिक संदर्भ:

हिन्दू पौराणिक कथाओं के अनुसार, विशाखा दक्ष प्रजापति की पुत्री हैं। दक्ष प्रजापति की २७ पुत्रियों में से एक विशाखा ने चंद्र देव से विवाह किया था।

ज्योतिषीय महत्व:

विशाखा राशि चक्र का १६वां नक्षत्र है जिसके स्वामी ग्रह बृहस्पति या गुरु हैं। इस नक्षत्र में जन्म लेने वाले व्यक्ति ज्ञानी, धार्मिक और न्यायप्रिय होते हैं। यह नक्षत्र देवी सीता का भी जन्म नक्षत्र माना जाता है।

विशाखा नक्षत्र के गुण:

  • नाम का अर्थ: शाखाओं से युक्त, फैला हुआ
  • प्रतीक: विजयी तोरण
  • स्वामी ग्रह: बृहस्पति (गुरु)
  • देवता: इंद्र और अग्नि
  • गुण: उत्साही, महत्वाकांक्षी, सक्रिय, बुद्धिमान, न्यायप्रिय, धार्मिक
  • पशु: बाघ

विशेषताएँ:

विशाखा नक्षत्र में जन्म लेने वाले लोग महत्वाकांक्षी, ऊर्जावान और बुद्धिमान होते हैं। वे जीवन में सफलता प्राप्त करने के लिए कड़ी मेहनत करने को तैयार रहते हैं। उनमें न्याय की प्रबल भावना होती है और वे हमेशा सही के लिए लड़ने को तैयार रहते हैं।

यह नक्षत्र विवाह, व्यापार और नए कार्य की शुरुआत के लिए शुभ माना जाता है।


Vishākhā is a nakshatra in Indian astronomy spread in Tula or Libra. In Hindu mythology, Vishākhā is a daughter of the king Daksha. She is one of the twenty-seven daughters of Daksha, who married the moon-god Chandra. Vishākhā is the sixteenth nakshatra of the zodiac, ruled by the planet Jupiter Brihaspati or Guru, It is also supposed to be the birth star of the goddess Sita.