मंगोलिया में बौद्ध धर्म
Buddhism in Mongolia
Overview of the role of Buddhism in Mongolia
मंगोलिया में बौद्ध धर्म (Buddhism in Mongolia)
मंगोलिया में बौद्ध धर्म सबसे बड़ा धर्म है। 2020 की जनगणना के अनुसार, मंगोलिया की 51.7% आबादी बौद्ध धर्म का पालन करती है।
तिब्बती प्रभाव: मंगोलियाई बौद्ध धर्म अपनी अधिकांश विशेषताओं को तिब्बती बौद्ध धर्म की गेलुग और काग्यु परंपराओं से प्राप्त करता है।
अद्वितीय पहचान: हालाँकि तिब्बती बौद्ध धर्म से प्रभावित, मंगोलियाई बौद्ध धर्म अपनी विशिष्ट पहचान और विशेषताओं को भी प्रस्तुत करता है।
इतिहास:
- शुरुआत: मंगोलिया में बौद्ध धर्म की शुरुआत युआन राजवंश (1271-1368) के दौरान हुई जब सम्राटों ने तिब्बती बौद्ध धर्म अपना लिया।
- मंगोल साम्राज्य का पतन: मंगोल साम्राज्य के पतन के बाद, मंगोल लोग अपनी पुरानी शैमैनिक परंपराओं पर लौट आए।
- पुनरुत्थान: 16वीं और 17वीं शताब्दी में मंगोलिया में बौद्ध धर्म का पुनरुत्थान हुआ।
संक्षेप में, मंगोलियाई बौद्ध धर्म तिब्बती बौद्ध धर्म से प्रभावित है लेकिन अपनी अलग पहचान रखता है। इसका एक समृद्ध इतिहास रहा है, जिसमें युआन राजवंश के दौरान अपनाना, मंगोल साम्राज्य के पतन के बाद का पतन और 16वीं-17वीं शताब्दी में पुनरुत्थान शामिल है।
Buddhism is the largest religion in Mongolia practiced by 51.7% of Mongolia's population, according to the 2020 Mongolia census. Buddhism in Mongolia derives much of its recent characteristics from Tibetan Buddhism of the Gelug and Kagyu lineages, but is distinct and presents its own unique characteristics.