Haridwar Kumbh Mela

हरिद्वार कुंभ मेला

Haridwar Kumbh Mela

Mela held in Haridwar, India

हरिद्वार कुंभ मेला: एक विस्तृत विवरण

हरिद्वार कुंभ मेला हिंदू धर्म से जुड़ा एक विशाल मेला है जो हर 12 साल में भारत के हरिद्वार शहर में आयोजित किया जाता है। मेले की तारीख हिंदू ज्योतिष के अनुसार तय होती है: जब बृहस्पति कुंभ राशि में होता है और सूर्य मेष राशि में प्रवेश करता है, तब मेला आयोजित होता है।

धार्मिक महत्व:

हिंदुओं और अन्य आध्यात्मिक साधकों के लिए इस मेले का बहुत गहरा धार्मिक महत्व है। माना जाता है कि इस मेले में स्नान करने से मोक्ष की प्राप्ति होती है। हरिद्वार को चार धामों में से एक माना जाता है और यहाँ गंगा नदी में स्नान करना पवित्र माना जाता है।

ऐतिहासिक महत्व:

इतिहास में, यह मेला एक महत्वपूर्ण व्यावसायिक आयोजन भी था और अरब से भी व्यापारी यहां आते थे।

2021 का कुंभ मेला:

2021 में COVID-19 महामारी के बीच भी 1 अप्रैल से 30 अप्रैल तक हरिद्वार कुंभ मेला आयोजित हुआ।

अर्ध कुंभ मेला:

कुंभ मेले के छह साल बाद एक अर्ध कुंभ मेला आयोजित होता है। 2016 में अंतिम अर्ध कुंभ मेला आयोजित हुआ था।

निष्कर्ष:

हरिद्वार कुंभ मेला एक अत्यंत महत्वपूर्ण धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन है जो हर 12 साल में लाखों लोगों को एक साथ लाता है। यह मेला हिंदू संस्कृति, धर्म और आध्यात्मिकता का एक महत्वपूर्ण प्रतीक है।


Haridwar Kumbh Mela is a mela, associated with Hinduism and held in the city of Haridwar, India held every 12 years. The exact date is determined according to Hindu astrology: the Mela is held when Jupiter is in Aquarius and the Sun enters Aries. The event possesses deep religious significance to Hindus as well as other spiritual seekers. Historically, it was an important commercial event and was attended by merchants from as far as Arabia.